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Thursday, 6 July 2017

सुशील मोदी ने किया खुलासा, नीतीश कुमार ने ही लालू यादव के घोटाले एक खिलाफ उठायी थी आवाज'

बिहार के बड़े बीजेपी नेता सुशील मोदी ने आज एक और बड़ा खुलासा किया है, उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार ने ही सबसे पहले लालू यादव के घोटालों के खिलाफ आवाज उठाई थी, उन्होंने होटलों के गैरकानूनी टेंडरों के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठायी थी, अब जब उनकी मांग पर CBI जांच कर रही है तो नीतीश कुमार को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और लालू यादव के खिलाफ कार्यवाही की मांग करनी चाहिए.


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब 2006 में लालू यादव भारत के रेल मंत्री थे तो उस वक्त नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे लेकिन उस वक्त वे NDA और बीजेपी के साथ थे, बिहार में वे बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रहे थे और लालू यादव के कट्टर विरोधी माने जाते थे, उसी समय नीतीश कुमार ने लालू यादव की बेनामी संपत्ति और कई घोटालों के खिलाफ आवाज उठायी थी, नीतीश कुमार ने CBI जांच की भी मांग की थी लेकिन जब NDA ने मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार चुना तो नीतीश कुमार NDA और BJP से अलग होकर लालू यादव के साथ मिल गए.

नीतीश कुमार को पता नहीं रहा होगा कि लालू यादव के घोटालों के खिलाफ जांच की उनकी मांग को उस समय स्वीकार किया जाएगा जब वे लालू यादव से हाथ मिला लेंगे, आज नीतीश कुमार लालू यादव के साथ मिलकर बिहार की सरकार चला रहे हैं तो उन्हीं की मांग पर CBI ने लालू यादव के खिलाफ जांच शुरू कर दी है.


बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले के आरोपी लालू प्रयास यादव बहुत बुरी तरह फंस गए हैं, उनके खिलाफ चारा घोटाले के आलावा बेनामी संपत्ति का भी मामला चल रहा है, उनके बेटे, बेटी और दामाद पर भी बेमानी संपत्ति और हवाला के कई मामले चल रहे हैं, दो दिन पहले बीजेपी के बड़े नेता सुशील कुमार मोदी ने लालू यादव के खिलाफ सबसे बड़ा खुलासा करते हुए कहा था कि वे बिहार के सबसे बड़े जमींदार हैं और उन्होंने यह जमीन रेल मंत्री रहते हुए बनाई थी.

आज CBI ने लालू यादव और उनके परिवार के 12 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है, दिल्ली, पटना, रांची, पुरी और गुरुग्राम में एक साथ छापे मारकर बचने के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं.

जानकारी के अनुसार CBI ने लालू यादव, उनके बेटे और अन्य पर रांची और पूरी में होटलों में गैरकानूनी टेंडर देने का मामला दर्ज किया है, इसी मामले में CBI तलाशी अभियान चला रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लालू यादव 2006 में रेल मंत्री बने थे, उस समय होटल के लिए जितने भी टेंडर बांटें गए थे उनमें से कई गैरकानूनी पाए गए हैं, आरोप के अनुसार लालू यादव ने कई कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया जिसके बदले लालू यादव को पटना में भारी मात्रा में जमीन दी गयी. लालू यादव के परिवार के लोगों के नाम पर भी जमीन दी गयी, अगर सभी लोगों की जमीन को जोड़ दी जाय तो लालू यादव और उनका परिवार बिहार में अथाह संपत्ति का मालिक है.
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