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Tuesday, 18 July 2017

भारत का असली बाहुबली: 1962 युद्ध में अकेले 1300 चीनी सैनिक मारने वाले इस जवान को करे सलाम , जाने कौन था ये बाहुबली ??

आज हम आपको बताने जा रहे हैं 1962 के युद्ध की कुछ ऐसी बातें जिन्हे जान कर आप भारतीय सेना का लोहा मानने पार मजबूर हो जाएंगे | एक ऐसा सैनिक जिसने अपने साहस और पराक्रम के चलते चीन के 1300 सैनिकों को किया था ढेर | आज इस बाहुबली का नाम अमर हो चूका है | इस बाहुबली का नाम है मेजर सैतान सिंह | मेजर सैतान सिंह ने 1300 चीनी सैनिकों को अकेले ही मौत के घाट उतार दिया था | अब आपको बताएँगे की ऐसा क्या किया था मेजर सैतान सिंह ने ,और कैसे मार गिराए इतने सैनिक ?

शायद आज चीन ये भूल गया है की भारत के पास सैतान सिंह जैसे जाबाज़ सिपाही हैं जो अकेले ही 1300 को ढेर कर सकते हैं | आपको बताते हैं मेजर सैतान सिंह ने 1962 के युद्ध में 120 भारतीय सिपाहियों की टुकड़ी के साथ अपने से कई गुना ज्यादा सिपाहियों का सामना किया और ऐसा सामना किया की आज भी चीन के लोग सैतान सिंह के नाम से खौफ खाते हैं | भारत के पूर्व सैनिकों का कहना है अगर आज लद्दाक भारत का हिस्सा है तो इसका श्रेय भारत के बाहुबली मेजर सैतान सिंह को ही जाता है और उनकी टीम को | वो 18 नवंबर 1962 की खून जमा देने वाली सर्द रात थी, भारत और चीन के बीच युद्द चल रहा था। तब लद्दाख का तापमान था माइनस 30 डिग्री। चीनी सेना को हमेशा पराक्रम से ज्यादा छल कपट पर भरोसा रहता है |



लद्दाख के चुशूल घाटी में रिजांग ला एक बेहद अहम पहाड़ी दर्रा है।16 हज़ार फ़ीट ऊंचाई पर ये इलाका 2 किलोमीटर चौड़ा और 3 किलोमीटर लम्बा है |लद्दाक पर कब्ज़ा करने के लिए चुसूल घाटी पर कब्ज़ा करना बहुत जरूरी था दुश्मनों की निगाहें भी इसी घाटी पर थी | इस घाटी का जिम्मा दिया गया था 13वीं कुमाऊंनी बटालियन के मेजर शैतान सिंह को | रात के सन्नाटे में दुशमन की फौज बढ़ रही थी यह खबर मिल गयी थी लेकिन लेकिन रात में दुश्मन फौजियों की संख्या का अनुमान नहीं लग पाया था | जब दुश्मन भारतीय मोर्चे से लगभग 700 से 800 मीटर दूर रह गया तो मेजर शैतान सिंह के नेतृत्व में इंडियन आर्मी ने हमला बोल दिया। कहते हैं सैतान सिंह उस शाम चीनी सेना के लिए एक काल थे | रात का सन्नाटा -30 तापमान लेकिन अंदर से देश की रक्षा का जूनून | युद्ध शुरू हुआ तो चीनी सिपाहियों की लाशे बिछ गयी|

मेजर शैतान सिंह के पास रणक्षेत्र से वापस हटने का भी विकल्प था, लेकिन ये सीख भारतीय सेना में दी नहीं जाती है। जब युद्ध समाप्त हुआ तो आकड़े चौकाने वाले थे | 120 जवानों में 114 सैनिक भारत के शहीद हो गए | जो 6 जिंदा बचे उन्हें चीनियों ने कैद कर लिया | लेकिन भारत के बाहुबली मेजर शैतान सिंह की अगुवाई में 120 भारतीय जवानों ने 1300 सैनिकों को ढेर कर दिया। जिन 6 को चीनी सेना ने पकड़ा था वो भी अपने पराक्रम से चीनी कैद से भाग निकले …
मेजर शैतान सिंह को मरणोंपरांत भारत सरकार ने परमवीर चक्र से नवाजा। ऐसे जाबाज़ की कहानी को सलाम करें और इस कहानी को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें | ऐसे वीरों की कहानी हमारे लिए प्रेरणा श्रोत हैं |

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