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Thursday, 4 May 2017

हिन्दू दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धर्म होने के बाद भी एक हिन्दुराष्ट्र नहीं बना पाया,जानिए क्यों

मुस्लिमों ने अपनी एवं अपने धर्म की सुरक्षा के लिए जो कदम उठाए हैं वो तो पढ़ लिया आपने।
ईसाई देश भी धर्म के नाम पर एकजुट दिखते हैं।
लेकिन हिन्दू और हिन्दू धर्म कहाँ खड़ा है ?

अपने पवित्र स्थलों को हासिल करने या सुरक्षित रखने के लिए दोनों धर्म कितने कन्सर्न्ड दिखते हैं पर हिन्दू क्यों नहीं ?

एक अदद हिन्दू राष्ट्र नहीं बन पाया भारत , इतनी बड़ी आबादी होकर भी...हिन्दूओं ने कभी एकजुट होने का प्रयास नहीं किया , आजादी के बाद एक संभावना बनी थी पर हो नहीं पाया।

ईसाई आपके उपर लगातार हमले कर रहे हैं , रोज कितने हिन्दू ईसाई बन रहे हैं आपको पता भी नहीं चल रहा है।
मुस्लिम देशों के खिलाफ आप खड़े नहीं हो सकते हैं। पाकिस्तान के पीछे सारे इस्लामिक देश खड़े हैं पर आपके पीछे कोई नहीं खड़ा है।

जैसे किसी शिकारी जानवर के सामने उसका शिकार असहाय खड़ा रहता है वैसे ही आप खड़े हैं दोनों धर्मों के समक्ष , और आपका हर वक्त शिकार किया जा रहा है।

जरूरत इस बात की है कि आप दुनिया में अपनी स्थिति को समझें और जाति समुदाय से उपर उठकर एक सशक्त हिन्दू राष्ट्र का हिस्सा बनने के लिए कृतसंकल्प हों , भारत हिन्दू राष्ट्र बने या ना बने पर आपकी एकता भी एक बड़ी शक्ति बन सकती है।

आप अपनी जिंदगी जी चुके , अब अपनी आने वाली पीढ़ियों के बारे में भी कुछ सोचें। जातपात छोड़कर एक हो और एक हिन्दूराष्ट्र की मांग करे।अगर आप सहमत हो तो आगे शेयर करे।