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Wednesday, 1 March 2017

आतंकियों के खिलाफ हम गोली चलाते ही है, देश की रक्षा के लिए हिंसा करनी पड़े तो ये देशहित है : मेजर गौरव आर्य




देश के सेक्युलर, वामपंथी और जिहादी तत्व देश को बर्बाद करने में लगे हुए है 
ये लोग मीडिया में भी है, राजनीती में भी है, ये लोग यूनिवर्सिटी में भी घुसे हुए है, छात्र के रूप में भी है, प्रोफेसर के रूप में भी है, हर जगह आज देशद्रोही फैले हुए है 

और इन देशद्रोहियों के कारण देश का माहौल ख़राब हुआ है, जहाँ शांति होनी चाहिए 
इन्ही के कारण वहां अशांति फैली हुई है 

 आप स्वय सोचिये, हमारे सेना प्रमुख कहते है की, देशद्रोहियों के खिलाफ कारवाही करेंगे 
तो ये वामपंथी और सेक्युलर लोग देशद्रोहियों के पक्ष में खड़े हो जाते है, और सेना प्रमुख को गालियां तक दे देते है, ये तो हाल बना रखा है इन लोगों ने हमारे देश का 

भारतीय सेना के पूर्व मेजर गौरव आर्य ने भी इन देशद्रोहियों की आलोचना की है 
और उन्होंने एक बड़ी ही तर्कपूर्ण बात कही है, जो महत्व्यपूर्ण है

मेजर गौरव आर्य ने कहा है की, जब भारत पर हमला होता है, आतंकी हमला करते है तो हम उनको अहिंसा 
से जवाब थोड़े देते है, अहिंसा से जवाब देने लगेंगे तो हम उस दिन लुप्त हो जायेंगे 
आतंकियों को हम गोली मारते है, तब जाकर देश की रक्षा होती है 

जो लोग देश में ही खड़े होकर देश के टुकड़े करने के नारे लगाते है, और वो बातों से नहीं सुधारते है 
वो बार बार नारे लगाते है इसका मतलब है की वो बातों के नहीं बल्कि लातों के भूत है 
और देश को बर्बाद करने की मंशा रखने वाले ये लोग, बातों से नहीं मानने वाले 

गौरव आर्य ने कहा है की, देश के टुकड़े करने की बात कहने वालो को सुधारने के लिए थोड़ी हिंसा हो, तो ये भी देशहित है क्योंकि देश की रक्षा के लिए कुछ भी करना पड़े वो करना चाहिए 
बातों से कोई नहीं मानता है तो उसे लातों से समझाना चाहिए, अन्यथा ये तो देश की कमजोरी हो जाती है 
की कोई देश को तोड़ने की बात करे और उसे अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर 
देश के खिलाफ हरकतें करने की छूट दे दी जाये 

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