loading...
Loading...

Thursday, 16 February 2017

मोदी सेना के हाथ खोल रहे है तो एकजुट होने लगे आतंक प्रेमी गैंग के सदस्य:सुधीर चौधरी

आपने अक्सर न्यूज़ देखि सुनी और पढ़ी होगी की कश्मीरी अलगाववादियों ने सेना पर पत्थर फेंके, कश्मीरी मुस्लिमो ने पाकिस्तान और इस्लामिक स्टेट के झंडे लहराए, कश्मीरी मुसलमानो ने भारत के खिलाफ और पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की पिछली सरकारों ने तो सेना को कश्मीर में आतंकियों पर भी कारवाही के लिए खुली छूट कभी नहीं दी 2010 में ही कुछ सैनिको ने कर्नल डीके पठानिया के नेतृत्व में आतंकियों को ढेर करना शुरू किया तो कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने उन्हें बर्खास्त कर, उम्रकैद की सजा दिलवा दी पर मोदी सरकार ने सेना को आतंकियों के खिलाफ कारवाही की खुली छूट पहले ही दे दी थी फिर भी झंडे लहराने वाले और पत्थरबाजी करने वाले जिहादियों पर सेना को कारवाही की छूट नहीं थी अभी हाल ही में कश्मीर में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई 4 आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया, 2 सैनिक भी शहीद हुए और कश्मीरी मुसलमानो ने आतंकियों के समर्थन में सेना पर पत्थरबाजी कर दी, जिसमे सेना के 3 जवान घायल हो गए दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिको को सलामी दी, उसी जगह सेना प्रमुख बिपिन रावत ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की जिसके बाद मीडिया से बात करते हुए सेना प्रमुख ने साफ़ कर दिया की अब मोदी सरकार ने सेना को इन पत्थरबाजों पर भी कारवाही की छूट दे दी


सेना प्रमुख ने मीडिया को कहा की, अब सेना बर्दास्त नहीं करेगी, पत्थरबाजी और झंडे लहराने वालो को आतंकी समझेगी, सैनिक के पास बन्दुक होती है और वो उसका इस्तेमाल करेगा
साफ़ है की सेना अब पत्थरबाजों को ठोक भी देगी

अब सेना प्रमुख के इस बयान का सेक्युलर वामपंथी और जिहादी तत्व निंदा करने लगे, कांग्रेस हो, जदयू हो, नेशनल कॉफ्रेंस हो, वामपंथी हो, मीडिया के पत्रकार हो सब सेना प्रमुख के पीछे पड़ गए
यहाँ तक की सेना प्रमुख को कांग्रेस की साथी नेशनल कांफ्रेंस ने गुंडा तक बता दिया

पत्रकार सुधीर चौधरी ने इन सभी सेक्युलर वामपंथियों और जिहादियों की निंदा की, सुधीर चौधरी अपनी भाषा में इनको "आतंक प्रेमी गैंग, अफ़ज़ल प्रेमी गैंग के सदस्य" बोलते है

सुधीर चौधरी ने इन देशद्रोहियों पर हमला करते हुए कहा की, भारत के सैनिक कश्मीर में आतंकियों से लड़ते है
और पत्थरबाज सैनिको पर पत्थर फेंकते है,
हमारे सैनिक के पास बन्दुक होती है, बन्दुक होते हुए भी सैनिक एक पत्थरबाज से घायल हो जाता है
क्योंकि उसके हाथ बंधे हुए है, उसे अपनी आत्मरक्षा की भी इज़ाज़त नहीं है

सुधीर चौधरी ने आगे कहा की, क्या हमेशा ऐसे ही रहने दिया जाना चाहिए, मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार हमारे सैनिको के हाथ खोल रहे है, देशद्रोही पत्थरबाजों पर कारवाही की छूट दे रहे है तो
सेना और मोदी के खिलाफ "आतंक प्रेमी गैंग" के लोग एकजुट हो रहे है

ये लोग देश के साथ है या फिर अलगाववादियों और आतंकियों के साथ, देश को ये समझना चाहिए और देश के खिलाफ काम करने वालो के खिलाफ खड़ा हो जाना चाहिए

No comments: