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Monday, 27 February 2017

अपने ही देश और सेना के खिलाफ जहर उगलना अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं बल्कि देशद्रोह है : रवीना टंडन

बीते दिनों देश में जो घटनाक्रम हुए उनपर पूर्व फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है
और वो इन सबको देखकर बेहद आक्रोशित लग रही हैं
और होना भी चाहिए, रवीना टंडन को ही क्या किसी भी देशभक्त को आक्रोशित तो होना ही चाहिए

पिछले दिनों भारत के सेना प्रमुख ने अलगाववादियों पर कारवाही की बात कही तो उनकी भी कांग्रेस और अन्य सेक्युलर दलों ने आलोचना कर दी
वहीँ दिल्ली के रामजस कॉलेज में वामपंथियों और जिहादियों ने भारत विरोधी नारे फिर से लगाए
और भारत के टुकड़े करने के भी नारे इसमें शामिल थे, कश्मीर को भारत से अलग करने के नारे लगाए

ये सब देखकर रवीना टंडन ने भी अपना आक्रोश व्यक्त किया है
आक्रोशित होकर रवीना टंडन ने कहा की, "मेरा तो खून खौल जाता है जब देखती हूँ की हमारे ही देश में खड़े होकर कोई हमारे ही देश के टुकड़े करने की बात करता है, हमारे ही सैनिको को गालियां देता है
पत्थर फेंकने वालो को बच्चा बताता है"
रवीना टंडन ने कहा की, बच्चे तो सैनिक है, 18 साल 20 साल 24 साल की उम्र में वो सीमा पर तैनात है
वो बच्चे नहीं है, पर पत्थर फेंकने वाले बच्चे है

रवीना टंडन ने कहा की, भारत के खिलाफ नारा लगाना, हमारे सैनिको को गालियां देना ताकि उनका मनोबल ही टूट जाये, देश के खिलाफ जहर उगलना कोई अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं होती
बल्कि ये देशद्रोह होता है

आप पाकिस्तान में खड़े होकर वहां की सेना के खिलाफ बोलिये, चीन में ऐसा कीजिये, अमरीका में कीजिये
आपको फ़ौरन मार डाला जायेगा

रवीना टंडन ने कहा की, अभिव्यक्ति के नाम पर कुछ भी बोलने की नहीं देनी चाहिए, और देश के आम लोगों को ऐसे जहरीले लोगों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए, क्योंकि ये लोग भी उसी समाज में रहते हुए
देश और सैनिको के खिलाफ एजेंडा चलाते है, देश के लोगों को अपने क्षमता के मुताबिक इन का विरोध करना चाहिए

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