loading...
Loading...

Thursday, 16 February 2017

पत्थरबाजों के लिए खड़े हुए सेक्युलर, सेना के साथ खड़ा हो देश की जनता : रोहित सरदाना

देश की जनता और हमारे सैनिको की सालों से ही सरकार से गुजारिश थी की
कश्मीर में जो भी जिहादी तत्व पत्थरबाजी करते है, भारत के खिलाफ नारेबाजी करते है, पाकिस्तान और इस्लामिक स्टेट के झंडे लहराते है उनके खिलाफ सख्त कारवाही की जाए

कांग्रेस के ज़माने में ऐसा मुमकिन नहीं था, क्योंकि ये अलगाववादी तो कांग्रेस के जैसे दामाद ही है
पर कल मोदी सरकार ने लोगों और सैनिको की मांग जैसे सुन ही ली
मोदी सरकार ने सेना के हाथ और खोल दिए, और सेना को इन पत्थरबाजों पर भी कारवाही की छूट दे दी

कल थलसेना प्रमुख बिपन रावत ने बयान में कहा था की
"भारत की सेना अब उन लोगों को भी आतंकी मानेगी, जो लोग पाकिस्तान या इस्लामिक स्टेट के झंडे लहरायेंगे, और जो लोग सेना और आतंकियों के बीच लड़ाई में आतंकियों की मदद के लिए पत्थरबाजी करेंगे"'

बिपिन रावत ने ये भी कहा था की, ऐसे लोगों के खिलाफ सेना वही कारवाही करेगी जो सेना आतंकवादियों के खिलाफ करती है

अब अपने प्यारे अलगाववादियों के खिलाफ सेना और मोदी सरकार सख्ती के बाद
देश के सेक्युलरों और वामपंथीयों के पेट में जैसे दर्द सा हो चूका है


पहले कांग्रेस के नेता टॉम वड्डकन ने सेना के इस बयान का विरोध किया, और अब केरल से लेकर पश्चिम बंगाल तक में वामपंथी तत्व सेना के इस कदम को मानवाधिकारों का उलंघन बता रहे है
इन लोगों का कहना है की, जब राज्य में पुलिस है तो सेना कैसे कारवाही कर सकती है

कांग्रेसी और वामपंथी तत्वों के अलावा देशविरोधी मीडिया के पत्रकार भी सोशल मीडिया पर सेना के इस बयान की आलोचना में लग गए है, ये सभी पत्रकार अफ़ज़ल प्रेमी गैंग के भी सदस्य है
जिनमे बरखा दत्त प्रमुख है

No comments: