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Wednesday, 15 February 2017

क्या चाइना की तरह भारत को भी इस्लामिक रिवाजो पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए ?

केवल भारत ही ऐसा देश है जहां मुसलमानों को इतनी सब कुछ आजादी मिलने के बाद भी मुसलमान मिलजुल कर नहीं रहते भारत के बहार मुसलमानों की जो हालत है यह खबर पढ़कर आप समझ जाओगे।
मुसलमानों का मस्जिदों में नमाज पढ़ना रोजा रखने पर चीन में पहले ही प्रतिबन्द है, लेकिन अब चीन ने एक नया कानून बनाया है जिसके तहत मुसलमान कोई इस्लामिक तरीके से कोई भी काम करने से पहले स्थानीय प्रशासन को अवगत कराना होगा, इसका मतलब यह हुआ चीन में खतना निकाह और अंतिम संस्कार करने से पहले वहां की पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी देनी होगी और कोई इस कानून को तोड़ता है तो उसे देशद्रोही माना जाएगा ।

लेकिन इसके उल्टा भारत में मुसलमानों को पूरी आजादी है उनके बाबजुद सेक्युलर नेता उनके लिए रोना रोते रहते है , भारत में मुसलमानों अपने लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड नाम से अकग कानून चलाते है, जिसमें वह अपनी मनमानी करते हैं भारत में मुसलमानों को अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त है ,इससे उन्हें बहुत सारी सुविधा मिल जाती है ।

फिर भी सेक्युलर नेता अपने वोट के लिए मुसलमानों को कमजोर और बेचारा बताते रहते हैं और भारत के बहुसंख्यक लोगों की हमेशा अनदेखी की जाती है। उनको ही दोसी ठहराया जाता है,और असहिष्णु बताया जाता है लेकिन दूसरे देशों में इनकी हालात बहुत बुरी है।

अगर आप चाहते हैं ऐसा ही कानून भारत में भी लाया जाए तो आप इसे इतना शेयर कीजिए कि भारत सरकार इतना सोचने पर मजबूर हो।

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