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Monday, 13 February 2017

“मै कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ, मैंने सबकुछ भारत माता के लिए छोड़ा है..घर-परिवार सबकुछ”

“मुझे 70 साल की बीमारी 17 महीनो में मिटानी है..थोड़ी दिक्कत तो होगी..आपने ही कहा था भ्रस्टाचार मिटाओ..मै मिटा रहा हूँ..क्या आपको पता नहीं था दिक्कत होगी?”

“मै कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ, मैंने सबकुछ देश के लिए छोड़ा है..घर-परिवार सबकुछ”
“अपने दो साल के काम का हिसाब गोवा की धरती से पूरे देश को दे रहा हु।”
” मै देश की आर्थिक हालात सुधारने के लिए धीरे-धीरे दवा दे रहा था।”
“मेरे गरीबो के अमीरी देखिए , जनधन अकाउंट में 45 हजार करोड़ रूपए जमा”

“10 महीने से मैं इस बड़े ऑपरेशन में लगा हुआ था”

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