loading...
Loading...

Sunday, 26 February 2017

अगर उत्तर प्रदेश में इमानदारों की संख्या 50% से अधिक होगी तभी होगी BJP की जीत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सभी पार्टियों ने चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत लगा दी है, एक तरफ भारतीय जनता पार्टी है जिसे चुनाव जीतने के लिए सिर्फ ईमानदार मतदाताओं पर भरोसा है तो दूसरी तरफ कांग्रेस और अन्य पार्टियाँ हैं जिन्हें बेईमान वोटरों और जातिवादी वोटरों पर भरोसा है, उत्तर प्रदेश के दुर्भाग्य से यह एक कड़वा सच है और इसे कोई मीडिया नहीं बताएगा।



अगर आप सभी नेताओं के भाषण देखें तो साफ़ पता चल जाएगा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के सभी नेता सिर्फ मोदी पर हमले करते हैं, चाहे राहुल गाँधी हों, चाहे अखिलेश यादव हों और चाहे मायावती हों, इनके मुंह से ना तो जमीन कब्जाने का मुद्दा निकलता है, ना गुंडागर्दी का मुद्दा निकलता है, ना बलात्कार का मुद्दा निकलता है और ना ही कालेधन और भ्रष्टाचार का मुद्दा निकलता है।

दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं जो अपने सभी भाषणों में कानून और प्रशासन का मुद्दा उठाते हैं, भू माफियाओं का मुद्दा उठाते हैं, महिलाओं के बलात्कार का मुद्दा उठाते हैं और कालेधन-भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हैं और विकास का मुद्दा उठाते हैं।

आपने राहुल, अखिलेश और मायावती के मुंह से यह कभी नहीं सुना होगा कि हम भ्रष्टाचारियों को जेल में पहुंचा देंगे, हम भू माफियाओं को उल्टा लटका देंगे, हम महिलाओं का बलात्कार करने वालों को कड़ी सजा देंगे, ये लोग सिर्फ मोदी पर हमला करते हैं। ऐसा लगता है कि अपराध, महिलाओं का बलात्कार, कालाधन और भ्रष्टाचार इनके लिए कोई मुद्दा नहीं है।

ये सभी नेता नोटबंदी का मुद्दा उठाते हैं और कहते हैं कि नोटबंदी से लोगों को परेशानी हुई है, यह बात सच है कि लोगों को परेशानी हुई है लेकिन अधिक परेशानी सिर्फ उन लोगों को हुई है जिन्होंने नोटों की बोरियां तहखानों में और बिस्तर के नीचे छुपा रखी थीं, यह 100 फ़ीसदी सच है कि ऐसे लोग बीजेपी को कभी वोट नहीं देंगे क्योंकि इन्हें परेशानी हुई है।

दूसरी तरफ इमानदार लोग हैं, जिनके पास कालाधन नहीं था, उनके पास 100, 2000, 50000 या 100000 रुपये रहें होंगे, उन्होंने एक दिन लाईन में लगकर अपने पैसे बदलवा लिए और थोडा कष्ट सहकर अपना काम चला लिया। उदाहरण के लिए समझिये, मान लो एक गाँव में किसी के पास कालाधन था, वह उस समय बहुत परेशान हुआ था तो उसकी परेशानी देखकर उसी गाँव के सभी इमानदार और गरीब हंस रहे थे और कह रहे थे कि मोदी ने सही काम किया है, लूटने वालों को बढ़िया सबक सिखाया है। ये सभी लोग मोदी से प्रभावित हुए और चुनाव में मोदी को ही वोट देंगे लेकिन जो व्यक्ति परेशान हुआ होगा वो मोदी को वोट क्यों देगा।

No comments: